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चिल्ला पुलिस थाना प्रशिक्षित अपराधियों के संगठित गिरोह का अड्डा है।



जनसुनवाई पोर्टल द्वारा की गई शिकायत पर पुलिस अधिकारियों की अंधाधुंध कमाई।



मैने दिनांक 4 अक्टूबर 2021 को जनसुनवाई पोर्टल द्वारा पुलिस स्टेशन चिल्ला जनपद बांदा को मेरे पिता के साथ मारपीट तथा लूटपाट करने वालों के विरुद्ध नामजद शिकायत किया। नीचे मेरे द्वारा की गई शिकायत का स्क्रीन शॉट देख सकते हैं आईजीआरएस संख्या 40017021013538


दरअसल मेरी बेटी बहुत बीमार थी बांदा के डॉक्टरों ने उसे कानपुर रेफर कर दिया लेकिन मैने कहा की कानपुर नहीं मुंबई लेकर आओ और मैने अपने पिता और बीवी और बेटी का तत्काल टिकट निकाल कर उन्हें मुंबई आने को कहा। मेरे पिता जी गांव से बांदा जाने के लिए गाड़ी बुक करने चिल्ला गए थे जब रात 8 बजे चिल्ला से वापस लौट रहे थे तब मदनपुर निवासी अली शेर और उसके 2 साथियों ने मेरे पिता के साथ मार पीट किया और उनके 23000 रू भी छीन लिए मगर उस समय उन्हें अर्जेंट बांदा पहुंचना था इस लिए वो पुलिस थाना रिपोर्ट लिखाने नहीं गए क्योंकि 10 बजे रात को बांदा पहुंचना था। मेरी इस शिकायत पर चिल्ला थाना के उप निरीक्षक ओंकारनाथ मिश्रा ने मेरे पिता को धोखेबाज और झूठा साबित किया और मार पीट करने और लूटपाट करने वालों को संत साबित कर दिया मुझे तो उसने प्रार्थना पत्र देने का पेशेवर आदि बताया। नीचे देखिए चिल्ला पुलिस द्वारा दी गई आख्या।


अब प्रार्थना पत्र देना और अपराध की शिकायत करना भी अपराध माना जायेगा। क्योंकि अपराधी पुलिस की वर्दी पहनकर बैठे हैं। मेरे पिता पर तरह तरह के इल्जाम लगाए गए और जिन अपराधियों ने अपराध किया उन्हीं को गवाह बना दिया अली शेर ने जब मेरे पिता के साथ मार पीट किया था तब उसके साथ 2 लोग और थे वही 2 लोग अली शेर की बेगुनाही का सबूत देते हुए गवाह बन गए हैं। और तो और मेरे पिता पर 107116 का मुकदमा भी दायर कर दिया गया। 

फिर मैंने चिल्ला थाना के उप निरीक्षक ओंकारनाथ मिश्रा की शिकायत किया की इन्होंने मेरे पिता पर और मुझ पर झूठा आरोप लगाया है और गलत तरीके से 107 116 का मुकदमा दायर किया है यदि मुकदमे की तारीखों में जाते समय मेरे पिता पर हमला होता है या उनकी हत्या होती है तो उसके जिम्मेदार चिल्ला थाना के पुलिस अधिकारी होगे तो सर्किल ऑफिसर ने खुद कोई जांच नहीं किया बल्कि आईजीआरएस संख्या 40017021013538 की आख्या भेज दिया। यानी जिस पुलिस अधिकारी की शिकायत की गई उसी अधिकारी से उसी के विरुद्ध जांच करवाई गई।और ये सब क्यों किया गया क्योंकि अपराधियों के द्वारा पुलिस अधिकारियों की जेब भरी गई 

चिल्ला पुलिस द्वारा मेरे पिता पर और मुझ पर जो आरोप लगाए गए हैं उसके संबंध में हमने आरटीआई करके उन आरोपों का जवाब मांगा है यदि चिल्ला पुलिस अपने द्वारा लगाए गए आरोपों को सिद्ध नहीं करती है तो हम माननीय न्यायालय में उप निरीक्षक ओंकारनाथ मिश्रा जी पर मुकदमा दायर करेंगे 

 


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